Top 10 Non Veg Shayari of 2018

1. डालते ही झड़ गए सब, टिका न कोई भी फूल गले में मेरे हार के;
दर्द उनको हुआ तो निकाल लिया मैंने, काँटा जो चुभा पैरों में सरकार के;
चीख उठे, चिल्ला उठे, कहने लगे मत लो मेरी;
एक ही चप्पल है और ऊपर से दिन भी हैं त्यौहार के।

2. हम उस बेवफा से दिल लगा बैठे,
खली फोकट अपनी सुकून की माँ-बहिन एक करवा बैठे,
वो तो चुप-चाप सो गई किसी के बिस्तर पे जाके,
हम [email protected] अपनी ही [email protected] में आग लगा बैठे।

3. Majnu: Ai Khuda, Tune Ladki Ki Kamar Kya Banai,
Mitti Kam Pad Gayi Ya Rishwat Khayi?
Khuda: Na Mitti Kam Padi Na Rishwat Khayi,
Kamar Dabai Tabhi To Breast Bahar Aai.

4. Chaku Se Kya Kaat Ti Ho, Dhaar To Talwar Me Hai; Chaku Se Kya Kaat Ti Ho Dhaar To Talvar Me Hai; Dupatte Se Kya Dhak Ti Ho, Maal To Salwar Me Hai!

5. इश्क है तो कुबूल कर लो सरेआम दुनिया के सामने;
वो जो खंडहरों के पीछे होता है उसे चुदाई कहते है।

6. क्या कशिश थी उस की आँखों में मत पूछो;
मुझ से मेरा दिल लड़ पड़ा मुझे यही चूत चाहिए।

7. होटल के एक कमरे में सेक्स करने के बाद लड़की और लड़का लेटे हुए थे। लड़की: जानू, तुम्हें पता है तुम्हारी लुल्ली दुनिया की सबसे बड़ी लुल्ली है। लड़का (खुश होकर): अच्छा। लड़की: हाँ, क्योंकि इसके बाद लंड की किस्में शुरू हो जाती हैं।

8. आज का घंटा ज्ञान:
बचपन मे “भूतों” के, जवानी मे “चूतों” के और बुढापे मे “यमदूतों” के सपने दिमाग की माँ चोदकर रख देते हैं।

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9. किसी ने सही फ़रमाया है,
ना चोदो किसी को इतना कि उसकी चूत तुम्हारी कमजोरी बन जाये;
उसे चोदो कुछ इस तरह कि तुम्हारा लंड उसके लिए जरूरी बन जाये।

10. गम में भी हमको जीना आता है;
सेक्स करके भी पसीना आता है;
एक हम हैं कि तुम्हें अक्सर मैसेज करते हैं;
एक तुम्हारा मैसेज है, जैसे औरतों को महीना आता है।

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