Shayari: 10,000+ Best Hindi Shayari Collection of 2019

101. जान देने का कहा मैंने तो हँसकर बोले, तुम सलामत रहो हर रोज के मरने वाले, आखिरी वक़्त भी पूरा न किया वादा-ए-वस्ल, आप आते ही रहे मर गये मरने वाले।

102. कुछ तुम कहो, कुछ हम कहे और एक कहानी बन जाये एक रोज़ पड़ेंगे लोग इन्हे और मिसालें हमारी बन जाये |

103. ज़िन्दगी की हक़ीक़त बस इतनी सी हैं, की इंसान पल भर में याद बन जाता हैं |

104. बस यूँ ही उम्मीद दिलाते हैं ज़माने वाले, कब लौट के आते हैं छोड़ कर जाने वाले।

105. तुम्हें देखकर मैं खुद को भूल जाता हूँ तन्हाई में अक्सर ग़ज़ल गुनगुनाता हूँ । इश्क़ हो गया है या कोई और बला है, बेवजह यूँ हर घड़ी अब मुस्कुराता हूँ ।।

106. पास वो मेरे इतने कि दूरियो का कोई एहसास नहीं, फिर भी जाने क्यों वो पास होकर भी मेरे पास नहीं |

107. रात भर जागते रहने का सिला है शायद, तेरी तस्वीर सी महताब में आ जाती है।

108. खुदा की रहमत में अर्जियाँ नहीं चलतीं दिलों के खेल में खुदगर्जियाँ नहीं चलतीं चल ही पड़े हैं तो ये जान लीजिए हुजुर, इश्क़ की राह में मनमर्जियाँ नहीं चलतीं !

109. रुकावटें तो सिर्फ ज़िंदा इंसान के लिए हैं मय्यत के लिए तो सब रास्ता छोड देते हैं |

110. तमाम रात मेरे घर का एक दर खुला रहा, मैं राह देखता रहा वो रास्ता बदल गया।

111. मुझे लेते हो जब अपनी मुहब्बत की पनाहों में, ये जादू कैसा तुम करते खिची आती मै बांहों में, ये धड़कन तेज क्यों होती ये सांसे क्यों उखडती है मुझे जब देखते हो तुम निगाहों ही निगाहों में..!!

112. कौन याद रखता हैं गुजरे हुए वक़्त के साथी को लोग तो दो दिन में नाम तक भुला देते हैं |

113. कभी तो चौंक के देखे कोई हमारी तरफ़, किसी की आँख में हमको भी इंतज़ार दिखे।

114. मोह्ब्बत किसी ऐसे शख्स की तलाश नही करती जिसके साथ रहा जाये, मोह्ब्बत तो ऐसे शख्स की तलाश करती हे जिसके बगेर रहा न जाये !!

115. गम ए आरज़ू तेरी आह में, शब् ए आरज़ू तेरी चाह में, जो उजड़ गया वो बसा नहीं, जो बिछड़ गया वो मिला नहीं |

116. किसी रोज़ होगी रोशन, मेरी भी ज़िंदगी, इंतज़ार सुबह का नही, तेरे लौट आने का है।

117. चलो आज खामोश प्यार को इक नाम दे दें, अपनी मुहब्बत को इक प्यारा अंज़ाम दे दें इससे पहले कहीं रूठ न जाएँ मौसम अपने धड़कते हुए अरमानों एक सुरमई शाम दे दें !

118. मुझे तलाश हैं एक रूह की, जो मुझे दिल से प्यार करे वरना इंसान तो पेसो से भी मिल जाया करते हैं |

119. पलकों पर रूका है समन्दर खुमार का, कितना अजब नशा है तेरे इंतजार का।

120. मोहब्बत एक अहसासों की पावन सी कहानी है ! कभी कबिरा दीवाना था कभी मीरा दीवानी है !! यहाँ सब लोग कहते हैं, मेरी आंखों में आँसू हैं ! जो तू समझे तो मोती है, जो ना समझे तो पानी है !!

121. दिल में आने का रस्ता तो होता हैं लेकिन जाने का नहीं इसलिए जब कोई दिल से जाता हैं तो दिल तोड़ कर ही जाता हैं|

122. एक अजनबी से मुझे इतना प्यार क्यूँ है, इन्कार करने पर चाहत का इकरार क्यूँ है, उसे पाना नहीं मेरी तकदीर में शायद, फिर भी हर मोड़ पर उसका इंतजार क्यूँ है।

123. मैं फ़रमाईश हूँ उसकी, वो इबादत है मेरी, इतनी आसानी से कैसे निकाल दू उसे अपने दिल से, मैं ख्वाब हूँ उसका, वो हकीकत है मेरी |

124. आखिर क्यों बस जाते हैं दिल में बिना इजाज़त लिए वो लोग जिन्हे हम ज़िन्दगी में कभी पा नहीं सकते |

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125. आदतन तुमने कर दिये वादे, आदतन हमने भी ऐतबार किया, तेरी राहों में हर बार रुककर, हमने अपना ही इंतजार किया।

126. तेरी जुदाई भी हमें प्यार करती है, तेरी याद बहुत बेकरार करती है, वह दिन जो तेरे साथ गुज़ारे थे, नज़रें तलाश उनको बार-बार करती हैं |

127. गुजरा हैं मोहब्बत में कुछ ऐसा भी ज़माना रूठा हूँ अगर तो मनाया था हमे भी किसी ने |

128. मेरी इक उमर कट गई है तेरे इंतजार में, ऐसे भी हैं कि कट न सकी जिनसे एक रात।

129. जब वादा किया है तो निभाएंगे; सूरज किरण बन कर छत पर आएंगे; हम हैं तो जुदाई का ग़म कैसा; तेरी हर सुबह को फूलों से सजाएंगे |

130. चले जायेंगे एक दिन तुझे तेरे हाल पर छोड़कर कदर क्या होती हैं प्यार की तुझे वक़्त ही सीखा देगा |

131. अब तेरी मोहब्बत पर मेरा हक तो नहीं सनम, फिर भी आखिरी साँस तक तेरा इंतजार करेंगे।

132. इश्क मुहब्बत तो सब करते हैं! गम-ऐ-जुदाई से सब डरते हैं हम तो न इश्क करते हैं न मुहब्बत! हम तो बस आपकी एक मुस्कुराहट पाने के लिए तरसते हैं |

133. जब लगा सीने पे तीर तब हमे इतना दर्द नहीं हुआ .ग़ालिब ज़ख्म का एहसास तो तब हुआ जब कमान अपनों के हाथ में दिखी |

134. आप करीब ही न आये इज़हार क्या करते, हम खुद बने निशाना तो शिकार क्या करते, साँसे साथ छोड़ गयीं पर खुली रखी आँखें, इस से ज्यादा किसी का इंतज़ार क्या करते।

135. हमें मालूम है दो दिल जुदाई सह नहीं सकते मगर रस्मे-वफ़ा ये है कि ये भी कह नहीं सकते जरा कुछ देर तुम उन साहिलों कि चीख सुन भर लो जो लहरों में तो डूबे हैं, मगर संग बह नहीं सकते |

136. दोस्त हो या दुश्मन ताल्लुक बस इतना ही रहे बदले की भावना कभी अपने मन में ना रहे |

137. मुझे हर पल तेरा इंतज़ार रहता है, हर लम्हा मुझे तेरा एहसास रहता है, तुझ बिन धडकनें रुक सी जाती हैं, कि तू दिल में धड़कन बनके रहता है।

138. जुदा होकर भी जुदाई नहीं होती इश्क उम्र कैद है प्यारे इसमें रिहाई नहीं होती |

139. सच्ची मोहब्बत एक जेल के कैदी की तरह होती हैं जिसमे उम्र बीत भी जाए तो सजा पूरी नहीं होती |

140. तड़प के देख किसी की चाहत में, तो पता चले कि इंतज़ार क्या होता है, यूँ मिल जाए अगर कोई बिना तड़प के, तो कैसे पता चले कि प्यार क्या होता है |

141. तेरी जुदाई का शिकवा करूँ भी तो किससे करूँ, यहाँ तो हर कोई अब भी, मुझे, तेरा समझता हैं |

142. उड़ जायेंगे तस्वीरों से, रंगो की तरह हम वक़्त की टहनी पर हैं, परिंदो की तरह हम |

143. ग़जब किया तेरे वादे पर ऐतबार किया, तमाम रात किया क़यामत का इंतज़ार किया।

144. जिन्दगी आप बिन ऊलझन सी लगती है एक पल की जुदाई मुदत सी लगती है पहले तो ऐहसास था पर अब यकीन है हर लम्हा आपकी जरूरत सी लगती है |

145. रेस वो लोग लगाते है जिसे अपनी किस्मत आजमानी हो, हम तो वो खिलाडी है जो अपनी किस्मत के साथ खेलते है |

146. आँखों ने जर्रे-जर्रे पर सजदे लुटाये हैं, क्या जाने जा छुपा मेरा पर्दानशीं कहाँ।

147. किसी को मोहब्बत में जुदाई न मिले किसी को मोहब्बत में जुदाई न मिले और जो पोस्ट को लाइक ना करे उसे कड़कड़ाती ठंड में रजाई ना मिले |

148. कुछ इम्तिहानो को, कुछ जुबानो को, बंद आँखों से सह गए वो ना कमजोरी थी, ना ही जी हुजूरी थी बस कुछ मज़बूरी थी जो अपना हर कदम कांटो पर चल गए वो |

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149. बेवफा वक़्त था.तुम थे.या मुकद्दर था मेरा बात इतनी ही है की अंजाम जुदाई निकला |

150. एक छोरी तै घना मजबूर एक छोरा होया करै। जो कालजा टूटण के बाद भी रोया ना करदा।

151. प्यार में डूब कर देखो, एक अलग ही नजारा हैं इस चाहत भरी दुनिया में, एक नाम हमारा हैं|

152. आपकी जुदाई भी हमें प्यार करती हैं आपकी याद बहुत बेकरार करती हैं जाते जाते कहीं भी मुलाकात हो जाये आप से तलाश आपको ये नज़र बार बार करती हैं |

153. कितनी बार कह राखी है छोड़ कै ना जायां कर मन्ने तेरे बिना जी कोणी लागदा मेरा।

154. कभी तो ऐसी भी हवा चले कौन कैसा है पता तो चले |

155. किसी लिबास की ख़ुशबू जब उड़ के आती है तेरे बदन की जुदाई बहुत सताती है तेरे बगैर मुझे चैन कैसे पड़ता है मेरे बगैर तुझे नींद कैसे आती है |

156. बाट वो ए देख सके सै जिसकी मोहब्बत सच्ची हो |

157. दो लाइन्स उनके लिए जो ज़िन्दगी के दुखो से परेशान हैं, ज़िन्दगी की उलझनों में फंस गए हैं |

158. तन्हाई ना पाए कोई साथ के बाद, जुदाई ना पाए कोई मुलाकात के बाद, ना पड़े किसी को किसी की आदात इतनी, कि हर सांस भी आए उसकी याद के बाद |

159. कुछ ना था खोंण खातर मेरे धोरै जब त तू मिलीं सै तब त डरण लाग्या मै।

160. दुखो के बोझ में ज़िन्दगी कुछ इस तरह डूबे जा रही हैं की मेरी हर एक चाहत, हर एक आस टूटे जा रही हैं |

161. बड़ी हिम्मत दी उसकी जुदाई ने ना अब किसी को खोने का दुःख ना किसी को पाने की चाह |

162. किस्ती आला नै समंदर ना देख्या आँखों को देख्या पर दिल मै उतर कै ना देख्या पत्थर समझे है मेरे चाहन आले हाम तो मोम थे किसे नै छु कै ए ना देख्या |

163. किसी ने क्या खूब कहा है सिर्फ गुलाब देने से अगर मोहब्बत हो जाती, तो माली सारे ‘शहर’ का महबूब बन जाता |

164. ना जाने मेरी मौत कैसी होगी पर ये तो तय है.,तेरी जुदाई से बेहतर होंगी |

165. सुकून मिलै है जब मेरी उस त बात होवे है। हज़ार रातां म वा एक रात होवे है। आँख उठा क देखें जब वा मेरे कानी। वो एक पल भी पूरी कायनात होवे है।

166. मत तोल मोहब्बत मेरी अपनी दिल्लगी से चाहत देखकर मेरी अक्सर तराज़ू टूट जाते है |

167. जुदाई सहने का अंदाज कोई मुझसे सीखे रोते है मगर आँखों में आँसूं नहीं होते |

168. आग सूरज में होवे है पर जलना जमीन न पड़े है। मोहब्बत आंखां म होवे है पर तड़पना दिल न पड़े है।

169. रूठे हुए को मनाना तो दस्तूर-ए-दुनिया पर रूठे की मानना क्यों नहीं सीखती दुनिया |

170. जुदाई मोहब्बत मे जरुरी है, तभी तो पता चलता है की कोन किस के बिना कब तक जुदा रह पाता है |

171. कुछ घुट नशे की ले बैठी कुछ ले बैठी तेरी यारी रै। बोतल न तो भीतर का फुख्या पर तने फुखदी ज़िन्दगी सारी रै।

172. आज ऊँगली थाम ले मेरी, तुझे मैं चलना सिखलाऊँ कल हाथ पकड़ना मेरा, जब मैं बुढा हो जाऊं |

173. जिंदगी मोहताज नहीं मंज़िलों की वक्त हर मंजिल दिखा देता है; मरता नहीं कोई किसी की जुदाई में वक्त सबको जीना सिखा देता है |

174. दिल के रिस्ताँ का कोए नाम ना होंदा। हर रास्तां का कोए मुकाम ना होंदा। अगर निभाण की चाहत हो दोनों कानी। तो कसम त कोए रिस्तां नाकाम ना होंदा।

175. मेरी हैसियत से ज्यादा मेरे थाली में तूने परोसा है, तु लाख मुश्किलें भी दे दे मालिक, मुझे तुझपे भरोसा है।

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176. लम्हे जुदाई को बेकरार करते हैं, हालत मेरी मुझे लाचार करती हैं, आँखे मेरी पढ़ लो कभी, हम खुद कैसे कहे की आपसे प्यार करते हैं |

177. सच्ची मोहब्बत जेल की कैदी की ढाल होया करे। जिसमे उम्र बीत जान के बाद भी सजा पूरी ना करदी।

178. बदन के घाव दिखा कर जो अपना पेट भरता है, सुना है, वो भिखारी जख्म भर जाने से डरता है!

179. कोई वादा नहीं फिर भी प्यार है, जुदाई के बावजूद भी तुझपे अधिकार है |

180. मेरी चाहत तेर त अलग कुकर है। दिल की बात तेर त अलग कुकर है। तू साथ रह दिल म धड़कन की ढाल। फिर ज़िन्दगी न सांस की जरूरत कुकर है।

181. ज़ख़्म दे कर ना पूछा करो, दर्द की शिद्दत, दर्द तो दर्द होता हैं, थोड़ा क्या, ज्यादा क्या !!

182. तेरे चेहरे की उदासी दे रही है गवाही, मुझसे मिलने को तू भी बेक़रार है |

183. तू चाँद और सितारा होंदा। आसमान में एक घर हमारा होंदा। लोग तने दूर त देखदे। धोरे त देखण का हक़ बस हमारा होंदा।

184. अच्छा लगता हैं तेरा नाम मेरे नाम के साथ, जैसे कोई खूबसूरत सुबह जुड़ी हो, किसी हसीन शाम के साथ !

185. कोई रूठे अगर तुमसे तो उसे फ़ौरन मना लेना, इस हाल में अक्सर जुदाई जीत जाती है।

186. न जाने वो कोण इतना हसीन होवेगा। तेर हाथ में जिसका हाथ होवेगा। कोए तने चावे या कोए बड़ी बात कोणी। जिस न तू चावेगी वो खुश नसीब होवेगा।

187. “रिश्ता” दिल से होना चाहिए, शब्दों से नहीं, “नाराजगी” शब्दों में होनी चाहिए दिल में नहीं!

188. ऐ चाँद चला जा क्यो आया है मेरी चौखट पे, छोड़ गया वो सख्स जिसके धोखे में हम तुझे देखते थे।

189. तेरे हर दुःख न अपना बना लु तेरे हर गम न अपना बना लु मने आंदि कोणी चोरी करनी। वरना तेरे दिल न चुरा लू।

190. पढ़ रहा हूँ मै इश्क़ की किताब ऐ दोस्तों ग़र बन गया वकील तो बेवफाओं की खैर नही |

191. मैं तो खुद अपने से भी अजनबी सा बन गया, तू बता मुझसे जुदा होकर तुझे कैसा लगा।

192. गुलाब की महक भी फीकी लागे है। कोण सी खुसबू मेर म बसागी तू। ज़िन्दगी है के तेरी चाहत के सिवा। यो किसा ख्वाब आंखां न दिखागी तू।

193. ना शौक दीदार का ना फिक्र जुदाई की, बड़े खुश नसीब हैँ वो लोग जो मोहब्बत नहीँ करतेँ |

194. बेवफा वक़्त था, वो थे या मुक़द्दर मेरा, बात जो भी थी बहरहाल अंजाम जुदाई निकला।

195. मने इस बात का गम कोणी के बदल गया जमाना। मेरी ज़िन्दगी तो सर्फ तू ए कदे तू ना बदल जाना।

196. इतनी बदसलूकी ना कर, ऐ जिंदगी, हम कौन सा यहाँ बार बार आने वाले हैं।

197. हो जुदाई का शब़ब कुछ भी! उसे हम अपनी “ख़ता” कहते हैं!! वो तो ढली है “साहिल” के सांसो मे! जाने क्यु लोग उसे मुझसे ज़ुदा कहते हैं!

198. तू दिल त मने नू ना पुकारा कर। नू तू मने इशारा ना कर। दूर हु तेर त या मेरी मज़बूरी है तू तन्हाईया म मने इतना तड़पाया ना कर।

199. छोटा बनके रहोगें तो, मिलेगी हर बड़ी रहमत दोस्तों बड़ा होने पर तो माँ भी, गोद से उतार देती है!!

200. बहोत सताया करे मन्नै यो सवाल कै आपा मिलै ही क्यों जब बिछड़ना ए था।