Shayari: 10,000+ Best Hindi Shayari Collection of 2019

601. मुस्कुराती आँखों से अफ़साना लिखा था, शायद आपका मेरी ज़िन्दगी में आना लिखा था तक़दीर तो देखो मेरे आँसू की उसको भी तेरी याद मे बह जाना लिखा था |

602. नज़रों से दूर सही दिल के बहुत पास है तू बिखरी हुई इस ज़िन्दगी में मेरे जीने की आस है तू |

603. कुछ इस तरह फ़कीर ने ज़िन्दगी की मिसाल दी, मुट्ठी में धूल ली और हवा में उछाल दी |

604. दुआ कौन सी थी हमे याद नही बस इतना याद है, दो हथेलियाँ जुड़ी थी एक तेरी थी एक मेरी थी |

605. जादू वो लफ़्ज़-लफ़्ज़ से करता चला गया और हमने बात-बात में हर बात मान ली |

606. ज़िन्दगी की जरूरतें समझिए वक्त कम है फरमाइश लम्बी हैं झूठ-सच,जीत- हार की बातें छोड़िये, दास्तान बहुत लम्बी है |

607. सांस को बहुत देर लगती है आने में हर सांस से पहले तेरी याद आ जाती है |

608. दुनिया खरीद लेगी हर मोड़ पर तुझे तूने जमीर बेचकर अच्छा नहीं किया |

609. ज़िन्दगी एक हसीन ख्वाब है जिसमें जीने की चाहत होनीचाहिये गम खुद ही खुशी में बदल जायेंगे सिर्फ मुस्कुराने की आदत होनीचाहिये |

610. हम कोई तर्क ए वफ़ा करते हैं तू ना सही तेरी याद ही सही |

611. कभी आपको याद आई कभी हमने याद किया खैर छोड़ो ये बेकार सियासत चलो आओ बात करें |

612. कुछ ज़रूरतें पूरी तो कुछ ख्वाहिशें अधूरी, इन्ही सवालों के जवाब हैं ज़िन्दगी |

613. तुझसे ज्यादा तेरी याद को है मुझसे हमदर्दी, देखती है मुझे तन्हा तो चली आती है |

614. सच के रास्ते पे चलने का ये फ़ायदा हुआ रास्ते में कहीं भीड़ नहीं थी |

615. लम्हों की खुली किताब हैं ज़िन्दगी, ख्यालों और सांसों का हिसाब हैं ज़िन्दगी |

616. मैं शिकायत करूँ तो क्यों करूँ ,ये तो किस्मत की बात है, तेरी सोच में भी नहीं मैं,और तू मुझे लफ्ज़ लफ्ज़ याद है|

617. वो मेरी हर दुआ में शामिल था जो किसी और को बिन मांगे मिल गया |

618. फिर कोई मोड़ लेने वाली है ज़िन्दगी शायद अब के फिर हवाओं में, एक बे-करारी है |

619. मुझे याद है तो इतना तेरी जुस्तजू में था मैं मगर उसके बाद तो बस कहीं ख़ुद ही खो गया मैं |

620. तुम थोड़ी सी ‪#‎फुलझड़ी‬ क्या हुई पूरा मौहल्ला ही ‪#‎माचिस‬ हो गया |‬‬

621. ज़िन्दगी की राहों में ऐसा अक्सर होता है फैसला जो मुश्किल हो वो ही बेहतर होता है |

622. यूँ चाँद भी तन्हा है, चांदनी के बगैर, मेरा दिल भी तन्हा है तेरी याद के बगैर |

623. कोन कहता है सिर्फ नफरतो में ही दर्द है कभी कभी बेपनाह मोहब्बत भी बहुत दर्द देता है |

624. सुबह तो खुशनुमा थी, क्यों शाम मुझे फिर तनहा छोड़ गयी, मंजिल दिखी ही थी, कि ज़िन्दगी फिर रास्ता मोड़ गयी |

625. चली आती है तेरी याद मेरे जहन में अक्सर तुझे हो ना हो तेरी यादो को जरूर मुझसे मोहब्बत है |

626. तमाम नीदें गिरवी है हमारी उसके पास जिससे जरा सी मोहब्बत की थी |

627. यादो की कसक..साँसों की थकन..आँखों में नमी सी है. ज़िन्दगी तुझमे सब है, फिर काहे की कमी सी है |

628. याद आती है तेरी आ के ठहर जाती है मेरी साँसों में जुनूँ बन के उतर जाती है |

629. चाहो तो छोड़ दो चाहो तो निभा लो मोहब्बत तो हमारी है पर मर्ज़ी सिर्फ तुम्हारी है |

630. डूबती हैं ज़िन्दगी,ग़म के सागर में कभी बच निकलने की तुम्ही,बस आस लगते हो मुझे |

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631. लिखते हैं कि तेरी याद चली जायेगी, पर हर लब्ज क़यामत ढाता है ।

632. सच्चा प्यार चाहे दो पल के लिए ही हो सच्चा प्यार चाहे दो पल के लिए ही हो |

633. आरज़ू,हसरत,तमन्ना और ख़ुशी कुछ भी नही, ज़िन्दगी में तू नही तो ज़िन्दगी कुछ भी नही |

634. बहुत छुपा कर रखा था तेरी मोहब्बत का राज़ सबसे ! तेरी याद आते ही ये अश्क सब बयान कर देते हैं |

635. सुनो एक बार और मोहब्बत करनी है तुमसे लेकिन इस बार बेवफाई हम करेंगे |

636. हाथ पकड़ कर रोक लेते अगर, तुझपर ज़रा भी ज़ोर होता मेरा, ना रोते हम यूँ तेरे लिये, अगर हमारी ज़िन्दगी में तेरे सिवा कोई ओर होता |

637. मेरी मोहब्बत सच्ची है इसलिए तेरी याद आती है अगर तेरी बेवफाई सच्ची है तो अब याद मत आना |

638. हर घडी एक नाम याद आता है कभी सुबह कभी शाम याद आता है सोचते है की कर ले फिर से मोहब्बत फिर हमे मोहब्बत का अंजाम याद आता है |

639. शिकायत तो बहुत है तुझसे ऐ ज़िन्दगी, पर चुप इसलिए हूं कि जो दिया तूने वो भी बहुतों को नसीब नहीं होता |

640. धूप गई छाँव गई दिन गया रात गई दिल से तेरी याद न गयी मिलने की फरियाद न गयी |

641. सुना है आज उनके आँखों में आँसू आगये बच्चो को सिखा रहे थे मोहब्बत ऐसे करते है |

642. इन्तिहा आज इश्क की कर दी, आप के नाम ज़िन्दगी कर दी, था अँधेरा गरीब खाने में, आप ने आ के रोशनी कर दी |

643. तेरी याद को पसन्द आ गई है मेरी आँखों की नमी, हँसना भी चाहूँ तो रूला देती है तेरी कमी |

644. जो आप से सच्ची मोहब्बत करेगा वो आप की आप से ज्यादा करेगा |

645. ख़्वाबों से मुझको और न बहला सकेगी रहने दे ज़िन्दगी..! तेरा जादू उतर गया |

646. मेरी डबडबाती आंखों पे ठिठके अश्क़ सा नश्तऱ सी गड़ती तेरी याद सा इश्क़ |

647. बेवजह हम वजह दुढ़ते है तेरे पास आने को ये दिल बेकरार है तुझे धड़कन में बसने को बुझी नही प्यास इन होठो की अभी ना जाने कब मिलेगा सुकून तेरे इस दीवाने को |

648. मुझे रात दिन ये ख्याल है•वो नज़र से मुझको गिरा ना दें•मेरी ज़िन्दगी का दिया कहीं•ये ग़मो की आंधी बुझा ना दें|

649. कितने अजीब इंसान है तेरी दुनिया मेँ ऐ खुदा शौक ऐ मोहब्बत भी रखते है और याद तक नहीँ करते |

650. तुम भी करके देख मोहब्बत किसी से जान जाओगे की हम मुश्कुराना क्यों भूल गए |

651. तेरी मजबूरियाँ भी होगी चलो मान लेते है मगर तेरा एक वादा भी था मुझे याद रखने का |

652. पलकें झुकें , और नमन हो जाए मस्तक झुके, और वंदन हो जाए ऐसी नज़र, कंहाँ से लाऊँ, मेरे कन्हैया कि आपको याद करूँ और आपके दर्शन हो जाए |

653. तेरी मुहब्बत की तलब थी तो हाथ फैला दिए वरना, हम तो अपनी ज़िन्दगी के लिए भी दुआ नहीं करते |

654. तुजे भुलाने के हज़ार तरीक़े सोचते रहे रात भर , और इस तरह तेरी याद में एक रात और गुज़र गयी |

655. कृष्णा तेरी गलियों का जो आनंद है, वो दुनिया के किसी कोने में नहीं । जो मजा तेरी वृंदावन की रज में है, मैंने पाया किसी बिछौने में नहीं ।

656. उस के चहरे पर लिखे है दिल के अफ़साने कई, वो किताबे-ज़िन्दगी का इक सुनहरा बाब है |

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657. तुझे भूल जाने की कोशिश कभी कामयाब न हो सकी तेरी याद फूल-ऐ-गुलाब है, जो हवा चली तो महक गई |

658. कृष्णा जिसका नाम है , गोकुल जिसका धाम है , ऐसे भगवन को हम सब का परनाम है. कृष्णा जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाये |

659. ज़िन्दगी जिसका बड़ा नाम सुना है हमने, एक कमजोर सी हिचकी के सिवा कुछ भी नहीं।

660. तेरी याद से शुरू होती है मेरी हर सुबह, फिर ये कैसे कह दूँ कि मेरा दिन खराब है |

661. पल पल हर पल तुमको पुकारू जनम जनम से बाट निहारु कर दे कृपा तोपे तन मन वारू अपने बाग का फूल समझ कर प्रेम करो कृष्णा प्रेम करो कृष्णा |

662. एक उम्र गुस्ताखियों के लिये भी नसीब हो, ये ज़िंदगी तो बस अदब में ही गुजर गई।

663. आज फिर दिल ने कहा आओ भुला दें यादें भूल जाना भी तो इक तरह की नेअमत है वरना इंसान को पागल न बना दें यादें |

664. मेरा आपकी कृपा से, सब काम हो रहा है, करते हो तुम कन्हैया, मेरा नाम हो रहा है पतवार के बिना हे, मेरी नाव चल रही है, बस होता रहे हमेशा, जो कुछ भी हो रहा हैं |

665. हर बात मानी है तेरी सिर झुका कर ऐ जिंदगी, हिसाब बराबर कर तू भी तो कुछ शर्तें मान मेरी।

666. इक रिश्ता जो है और नहीं भी बस कुछ लफ़्ज़ से हैं तेरे मेरे दरमियां कुछ पुरानी /कुछ ताज़ी यादें दो जोड़ी आंखों की वो गुफ्तगू और इक अभूली याद |

667. यशोदा का लाल, देते उसको सब दुलार माखन खाने की करता सबसे मनुहार गोपियों संग करता नित-नई लीला अपार कृष्णा जन्माष्टमी लाये आपके जीवन में बहार |

668. अब समझ लेता हूँ मीठे लफ़्ज़ों की कड़वाहट, हो गया है ज़िन्दगी का तजुर्बा थोड़ा थोड़ा।

669. तेरी तस्वीरों में कुछ यादें मेरी भी हैं कुछ पलों की बातें अधूरी भी हैं |

670. मन को भाये कान्हा की मनभावन मूरत हटती नहीं दिल से उसकी प्यारी सूरत यही तो है कान्हा की महिमा और प्यार मुबारक हो आपको कृष्णा जन्माष्टमी का त्योंहार |

671. मुझे जिंदगी का इतना तजुर्बा तो नहीं है दोस्तों, पर लोग कहते हैं यहाँ सादगी से कटती नहीं।

672. वो मोहब्बत ही क्या जिसमें यादें ही न हो और वो यादें ही क्या जिसमें तुम न हो |

673. सबको नाच नचाये प्यारे कान्हा का गान दिल को मोहित कर दे मुरली की मीठी तान राधा संग रास रचाए कृष्णा हर रात तभी तो रहती हर होठों पर कृष्णा की बात. सबको कृष्णा जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनायें |

674. ले दे के अपने पास फ़क़त एक नजर तो है, क्यूँ देखें ज़िन्दगी को किसी की नजर से हम।

675. यादें जब आती हैं बनजाते हैं रुसवाइयों के बवंडर आँखों से आँसुंओं की धार निकल जाती है अँधेरे उजले पथ पर चलते चलते एक टूटी तस्वीर उभर जाती है ।

676. प्यारा नंदकिशोर है मेरा माखनचोर इसने बांधी मुझ संग प्रीत की डोर मेरी पलकें झुकें तो नमन हो जाये याद उसको करूँ तो दर्शन हो जाये. सबको कृष्णा जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनायें |

677. कभी खोले तो कभी ज़ुल्फ़ को बिखराए है, ज़िंदगी शाम है और शाम ढली जाए है।

678. उतर जाती हैं जो जहन में तो फिर जल्दी नींद नहीं आती ये कॉफ़ी और तुम्हारी यादें एक जैसी हैं |

679. पवित्र पावन मनभावन दिन आया है गोपियों संग कान्हा ने रास रचाया है हुआ आज कृष्ण कन्हाई का जन्म है जय कृष्ण जय कृष्ण मेरा वन्दन है. बधाई हो कृष्णा जन्म की |

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680. मंजिलें मुझे छोड़ गयी रास्तों ने संभाल लिया, जिंदगी तेरी जरूरत नहीं मुझे हादसों ने पाल लिया।

681. एक मुख़्तसर लम्हा ही तो था अपने पीछे ना जाने कितनी यादें छोड़ गया |

682. यमुना के तट पर घुमे मेरा चंचल कान्हा उसका मेरा प्यार जाने ये सारा जमाना मैं हूँ उसकी सदा से वो तो है मेरा मीत सुन ले आज चारों दिशाएं ख़ुशी के गीत. सबको कृष्णा जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनायें |

683. है अजीब शहर की ज़िंदगी न सफर रहा न क़याम है कहीं कारोबार सी दोपहर कहीं बदमिजाज़ सी शाम है।

684. तेरी यादें अक्सर छेड़ जाया करती हैं कभी अा़ँखों का पानी बनकर कभी हवा का झोंका बनकर |

685. दुनिया को जिसने करना प्यार बेशुमार सिखाया सबके दिलों पर एकछत्र राज करना सिखाया उसकी मुरली की तान दीवाना मस्ताना बनाती है हर इक चाहने वाली रातों में सपने उसके सजाती है. सबको कृष्णा जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनायें |

686. छोड़ ये बात कि मिले ज़ख़्म कहाँ से मुझको, ज़िन्दगी इतना बता कितना सफर बाकी है।

687. ले लो ना वापिस वो तड़प वो आंसू वो यादें सारी, नही कोई जुर्म मेरा तो फिर ये सजायें कैसी |

688. तुम न जानो कान्हा कितना तुम्हे हम चाहते हैं तडपते दिल को मेरे बस तुमसे ही तो राहतें हैं तुम आ भी जाओ आँखों में अब आंसू आ पड़े हैं हो गयी अब रात राहों में तेरी हम खड़े हैं सबको कृष्णा जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनायें |

689. देखा है ज़िन्दगी को कुछ इतना करीब से, चेहरे तमाम लगने लगे हैं अब तो अजीब से।

690. ज़िन्दगी मे कुछ हसीन पल बस यूँही गुज़र जाते है रह जाती है यादें इंसान बिछड़ जाते है |

691. तेरे दर्शन से हो जाऊं ओ कान्हा मैं पल-पल निहाल तेरी मुझ पर असीम इनायत है यशोदा के लाल इक वो जगह बता दो कन्हाई जहाँ तुम नहीं हो जिधर भी जाये नजर मेरी तुम तो बस वहीँ हो |

692. ज़िन्दगी से पूछिये ये क्या चाहती है, बस एक आपकी वफ़ा चाहती है, कितनी मासूम और नादान है ये, खुद बेवफा है और वफ़ा चाहती है।

693. गुज़र जायेगा ये दौर भी चंद लम्हो में कुछ अजनबियों से ही सही यादें तो बना लीजिये जनाब |

694. मेरी नींद चुराई तुमने ओ कान्हा मेरा चैन चुराया तुमने ओ कान्हा अब तो आ जाओ मेरी निगाहों के सामने धडकन भी बढने लगी, दिल लगा थामने. कान्हा तुम मेरी हो जान |

695. शतरंज‬ खेल रही है मेरी ‪जिंदगी‬ कुछ इस तरह, कभी तेरी मोहब्बत मात देती है कभी मेरी ‪किस्मत‬।‬‬

696. इंतज़ार रहता है हर शाम तेरा; यादें काटती हैं ले-ले के नाम तेरा; मुद्दत से बैठे हैं तेरे इंतज़ार में; कि आज आयेगा कोई पैगाम तेरा |

697. कान्हा तुम जो मिल गए तो ये लगता है के खुदाई मिल गयी साँसों में ऐसे राम गए हो की जैसे फूलों में खुशबू मिल गयी. हैप्पी जन्माष्टमी |

698. जो लम्हा साथ है उसे जी भर के जी लेना, ये कम्बख्त जिंदगी भरोसे के काबिल नहीं है।

699. यादें उन्हीं की आती है जिनसे कुछ ताल्लुक हो ! हर शख्स मुहब्बत की नजर से देखा नही जाता |

700. मेरा कृष्ण कन्हैया बड़ा नटखट है मतवाला गोकुल का रखवारा है कोई कहे इसे कृष्णा कन्हैया कृष्ण जन्माष्टमी की बधाई हो सबको |