Shayari: 10,000+ Best Hindi Shayari Collection of 2020

801. वादे उनके और यादें उनकी हैं दिन हैं उनके और रातें उनकी हैं इंतजार उनका मुलाकात उनकी है खुशियां उनसे और सांसे उनकी हैं |

802. तू जो नहीं तो बिन तेरे शामें उदास हैं, ढूंढें तुझे कहाँ कहाँ आँखें उदास हैं , इक चाँद ही नहीं है जो पूछे तेरा पता, देखा नहीं है जो तुझे मेरी राहें उदास हैं |

803. तेरे जल्वों ने मुझे घेर लिया है ऐ दोस्त, अब तो तन्हाई के लम्हे भी हसीं लगते हैं।

804. कल रात को सपने में तुमसे मुलाकात हुई थी कुदरत के नजारों के बीच बहुत सारी बात हुई थी हमने रावी के किनारे पे खूब ठहाके मारे थे भीग गए थे अंदर तक प्यार की इतनी बरसात हुई थी |

805. काश यह जालिम जुदाई न होती, ऐ खुदा तूने यह चीज़ बनायीं न होती, न हम उनसे मिलते न प्यार होता, ज़िन्दगी जो अपनी थी वो परायी न होती |

806. कहने को ही मैं अकेला हूं पर हम चार है एक मैं मेरी परछाई मेरी तन्हाई और तेरा एहसास |

807. अगर तुम न होते तो ग़ज़ल कौन कहता! तुम्हारे चहरे को कमल कौन कहता! यह तो करिश्मा है मोहब्बत का! वरना पत्थर को ताज महल कौन कहता |

808. काश कोई करता प्यार हमसे इतना, कि मरने के बाद भी ख्वाबों मे आया करते, जब गिरते आंखों से हमारे आंसू, तो वो भी साथ मे रोया करते |

809. जिन्हें पता है कि अकेलापन क्या होता है, वो लोग दूसरों के लिए हमेशा हाजिर रहते हैं |

810. शिकवे भी हजारों हैं, शिकायतें भी बहुत हैं, इस दिल को मगर उनसे मुहाब्बत भी बहुत है, ये भी है तम्मना की उनको दिल से भुला दें, इस दिल को मगर उनकी जरुरत भी बहुत है |

811. ग़म नहीं ये कि क़सम अपनी भुलाई तुमने, ग़म तो ये है कि रकीबों से निभाई तुमने, कोई रंजिश थी अगर तुमको तो मुझसे कहते, बात आपस की थी क्यूँ सब को बताई तुमने |

812. कभी जो थक जाओ तुम दुनिया की महफिलों से, हमें आवाज दे देना, हम अकसर अकेले होते हें |

813. जो जितना दूर होता है नज़रो से, उतना ही वो दिल के पास होता है, मुस्किल से भी जिसकी एक ज़लक देखने को ना मिले, वही ज़िंदगी मे सबसे ख़ास होता है |

814. इस अजनबी दुनिया में अकेली ख्वाब हूँ मैं, सवालो से खफा छोटी सी जवाब हूँ मैं, आँख से देखोगे तो खुश पाओगे, दिल से पूछोगे तो दर्द की सैलाब हूँ मैं |

815. किन लफ़्ज़ों में बंया करूँ मैं अपने दर्द को, सुनने वाले तो बहुत है मगर समझने वाला कोई नहीं |

816. इतनी खूबसूरती कभी नही देखी, बनाने वाला भी बना के हैरान होगा आपको, खूबसूरती की जिंदा मिसाल हो तुम, खुदा भी देखकर हैरान होगा आपको |

817. आसुओ को पलकों में लाया न कीजिये, दिल की बात हर किसी को बताया न कीजिये, मुट्ठी में नमक लेकर गुमते है लोग, अपने ज़ख़्म हर किसी को दिखाया न कीजिये |

818. बुजी शमा भी जल सकती है तूफानों से कश्ती भी निकल सकती है हो के मायूस यूँ ना अपने इरादे बदल तेरी किस्मत कभी भी बदल सकती है |

819. वो मिसाल हम इश्क़ मे बनाएँगें; की आँखे जब तुम बंद करोगें तो बसइतना प्यार हम भर देंगे आपके दिल मे की; हम आएँगें; बस सब से पहले हम ही याद आएँगें |

820. बेगानों से गुजर जाते है कोई बात नहीं होती, हम उनसे रोज मिलते हैं मगर मुलाक़ात नहीं होती, सूखे बंजर खेत जैसी जिंदगी बेहाल है, घटाएं घिर तो आती है मगर बरसात नहीं होती |

821. हौंसले के तरकश में , कोशिश का वो तीर ज़िंदा रख , हार जा चाहे ज़िन्दगी में सब कुछ , मगर फिर से जीतने की उम्मीद ज़िंदा रख |

822. शायरी पढ़ते पढ़ते खुद लिखना सीख गये, जीते जीते किसी और के लिए जीना सीख गए, आँखों आँखों में भी बातें होती है, आज कल उन बातों को भी पढ़ना सीख गए |

823. जिनकी याद में हम दीवाने हो गए, वो हम ही से बेगाने हो गए, शायद उन्हें तालाश है अब नये प्यार की, क्यूंकि उनकी नज़र में हम पुराने हो गए |

824. नसीब जिनके ऊँचे और मस्त होते है , इम्तिहान भी उनके जबरदस्त होते है।

825. हर शाम किसी के लिए सुहानी नही होती, हर प्यार के पीछे कोई कहानी नही होती, कुछ तो असर होता है दो आत्मा के मेल का, वरना गोरी राधा, सावले कान्हा की दीवानी न होती |

826. तेरा ख़याल तेरी आरजू न गयी, मेरे दिल से तेरी जुस्तजू न गयी, इश्क में सब कुछ लुटा दिया हँसकर मैंने, मगर तेरे प्यार की आरजू न गयी |

827. सीढियाँ उन्हें मुबारक हो जिन्हे सिर्फ छत तक जाना है , मेरी मंज़िल तो आसमान है रास्ता मुझे खुद बनाना है |

828. मोहब्बत का मतलब इंतज़ार नही होता, हर किसी को देखना प्यार नही होता, यू तो मिलता है रोज़ मोहब्बत-ए-पैगाम, प्यार है ज़िंदगी जो हर बार नही होता |

829. मौत तो मोहब्बत है एक दिन गले जरूर लगायेगी, दिल धड़कता है तो बस इस बात पे क्या उस दिन, तेरी सूरत नज़रो के सामने कयामत बन के आयेगी, छोड देंगे ये जहाॅ पर रूह तेरी गलीयो मे रह जायेगी |

830. मत सोच की तेरा सपना क्यों पूरा नहीं होता हिम्मत वालों का इरादा कभी अधूरा नहीं होता जिस इंसान के करम अच्छे होते है उसके जीवन में कभी अँधेरा नहीं होता |

831. लगता है तुम्हें नज़र में बसा लूँ , औरों की नजरों से तुम्हें बचा लूँ, कहीं चूरा ना ले तुम्हें मुझसे कोई, आ तुझे मैं अपनी धड़कन में छुपा लूँ |

832. लिखो तो पैगाम कुछ ऐसा लिखो की, कलम भी रोने को मजबूर हो जाये, हर लफ्ज में वो दर्द भर दो की, पढने वाला प्यार करने पर मजबूर हो जाये |

833. परिंदों को मंज़िल मिलेगी यक़ीनन ये फैले हुए उनके पर बोलते हैं वो लोग रहते हैं खामोश अक्सर जमाने में ज़िनके हुनर बोलते हैं |

834. दिल‬ होना चाहिए जिगर होना चाहिए, आशिकी के लिए हुनर होना चाहिए, नजर से नजर मिलने पर ‪‎इश्क‬ नहीं होता, ‪नजर‬ के उस पार भी एक असर होना चाहिए।‬‬

835. हम अपना दर्द किसी को कहते नही, वो सोचते हैं की हम तन्हाई सहते नही, आँखों से आँसू निकले भी तो कैसे, क्योकि सूखे हुवे दरिया कभी बहते नही |

836. नजर को बदलो तो नजारे बदल जाते है , सोच को बदलो तो सितारे बदल जाते है , कश्तियाँ बदलने की जरूरत नहीं , दिशा को बदलो तो किनारे ख़ुद ब खुद बदल जाते है |

837. तेरी धड़कन ही ‪ज़िंदगी‬ का किस्सा है मेरा, तू ज़िंदगी का एक अहम् हिस्सा है मेरा, मेरी ‪‎मोहब्बत‬ तुझसे, सिर्फ़ लफ्जों की नहीं है, तेरी रूह से रूह तक का रिश्ता है मेरा |‬‬

838. ऐसे गये दिल की ज़मी बंजर कर के, आज तक कोई फूल ना खिल सका, बस्ती बस्ती लोग मिले हमराह मगर, फिर कभी तेरा पता ना मिल सका |

839. निगाहों में मंजिल थी , गिरे और गिरकर संभलते रहे , हवाओं ने बहुत कोशिश की , मगर चिराग आँधियों में जलते रहे ।

840. ख्वाब तो वो है जिसका हकीकत मे भी दीदार हो, कोई मिले तो इस कदर मिले, जिसे मुझ से ही नही मेरी रूह से भी प्यार हो |

841. जाने क्या मुझसे ज़माना चाहता है, मेरा दिल तोड़कर मुझे ही हसाना चाहता है, जाने क्या बात झलकती है मेरे इस चेहरे से, हर शख्स मुझे आज़माना चाहता है |

842. खुदी को कर बुलन्द इतना कि हर तकदीर से पहले खुदा बंदे से खुद पूछे बता तेरी रजा क्या है |

843. आपने नज़र से नज़र कब मिला दी, हमारी ज़िन्दगी झूमकर मुस्कुरा दी, जुबां से तो हम कुछ भी न कह सके, पर निगाहों ने दिल की कहानी सुना दी |

844. पलकों में आँसू और दिल में दर्द सोया है, हँसने वालो को क्या पता रोने वाला किस कदर रोया है, ये तो बस वोही जान सकता है, मेरी तन्हाई का आलम, जिसने ज़िंदगी में, किसी को पाने से पहले खोया हो |

845. अभी को असली मंजिल पाना बाकी है अभी तो इरादों का इम्तिहान बाकी है अभी तो तोली है मुट्ठी भर जमीन अभी तोलना आसमान बाकी है |

846. तेरी चुप्पी का सबब हम जानते है , लरज़ते होंठों की शिकायत हम जानते है , मेरी हिचकी भी दे रही है गवाही मुहब्बत की, तेरे पलकों की हरकत भी हम जानते है ।

847. ये तुम किस बात से बिगड़ गये हो इतना, कोई झूठा सा इल्ज़ाम इस दिल पर लगा जाते, तुम्हे था रूठना हमसे, तो रूठने से ज़रा पहेले, कुछ हमसे सुना होता, कुछ अपनी सुना जाते |

848. आज बादलों ने फिर साजिश की जहाँ मेरा घर था वहीं बारिश की अगर फलक को जिद है बिजलियाँ गिराने की तो हमें भी जिद है वहीं पर आशियाँ बसाने की |

849. धडकनों को कुछ तो काबू में कर ए दिल, अभी तो पलकें झुकाई है मुस्कुराना अभी बाकी है उनका |

850. टूटा हो दिल तो दुःख होता है, करके मोहह्बत ये दिल रोता है, दर्द का एहसास तो तब होता है, जब किसी से मोहह्बत हो और उसके दिल में कोई और होता है |

851. ना पूछो कि मेरी मंजिल कहाँ है अभी तो सफर का इरादा किया है ना हारूंगा हौंसला उम्र भर ये मैंने किसी से नहीं खुद से वादा किया है |

852. कई चेहरे लेकर लोग यहाँ जिया करते हैं , हम तो बस एक ही चेहरे से प्यार करते हैं , ना छुपाया करो तुम इस चेहरे को, क्योंकि हम इसे देख के ही जिया करते हैं |

853. कभी आसूं तो कभी खुशी देखी, हमने अक्सर मजबूरी और बेकसी देखी, उनकी नाराजगी को हम क्या समझे, हमने खुद कि तकदीर की बेबसी देखी |

854. होके मायूस ना आँगन से उखाड़ो ये पौधे धूप बरसी है यहाँ तो बारिश भी यही पे होगी।

855. अपनी मोहब्बत कि खुशबु से नुर कर दे, जुदा न हो सकु इतना मगरुर कर दे, मेरे दिल मे बस जाए वफ़ा तेरी , किसी और को ना देखु मुझे इतना मजबुर कर दे |

856. आँखो को इंतजार की सोगात सोप कर, मोहब्बत खुद आराम से कही सो जाती है, ज़िस्म करवट बदलता है रात भर अकेला , रूह तेरी गलीयो की बंजारन हो जाती है |

857. जिंदगी में कभी उदास ना होना कभी किसी बात पर निराश ना होना ये जिंदगी एक संघर्ष है चलती ही रहेगी कभी अपने जीने का अंदाज ना खोना |

858. आँखो के रास्ते दिल मे उतर कर नही देखा, तुने मेरे सिने मे अपनी यादों का घर नही देखा, तेरे इश्क की वहशत ने पागल बना दिया है मुझे, तेरी गलीयो की ख़ाक के सिवा मेने कुछ नही देखा |

859. उसे बेवफा कहकर हम अपनी ही नजरो में गिर जाते क्यूंकि वो प्यार भी अपना था और पसंद भी अपनी |

860. अगर सीखना है दिए से तो जलना नहीं, मुस्कुराना सीखो अगर सीखना है सूर्य से तो डूबना नहीं उठना सीखो अगर पहुंचना हो शिखर पर तो राह पर चलना नहीं राह का निर्माण सीखो |

861. तुम्हारी प्यारी सी नज़र अगर इधर नहीं होती, नशे में चूर फ़िज़ा इस कदर नहीं होती, तुम्हारे आने तलक हम को होश रहता है, फिर उसके बाद हमें कुछ ख़बर नहीं होती.

862. आप तो चाँद हे जिसे सब याद करते हे, हमारी किस्मत तो तारों जेसी हे, याद तो दूर, लोग अपनी ख्वाहिश के लिए हमारी टूटने की फरियाद करते हे |

863. कोशिश के बावजूद हो जाती है कभी हार होके निराश मत बैठना ऐ यार बढ़ते रहना आगे हो जैसा भी मौसम पा लेती मंजिल चींटी भी गिर गिर कर कई बार |

864. एक शाम आती है तुम्हारी याद लेकर, एक शाम जाती है तुम्हारी याद देकर, पर मुझे तो उस शाम का इंतेज़ार है, जो आए तुम्हे अपने साथ लेकर |

865. अब ये न पूछना की ये अल्फ़ाज़ कहाँ से लाती हूँ, कुछ चुराती हूँ दर्द दूसरों के, कुछ अपने सुनाती हूँ|

866. परिंदों को मंजिल मिलेगी यकीनन ये फैले हुए उनके पर बोलते हैं अक्सर वो लोग खामोश रहते हैं ज़माने में जिनके हुनर बोलते हैं |

867. मेरे जीने में, मरने में, तुम्हारा नाम आयेगा, मैं साँसे रोक लू फिर भी यही इल्ज़ाम आयेगा, हर एक धड़कन में जब तुम हो तो फिर अपराध क्या मेरा, अगर राधा पुकारेगी तो फिर घनश्याम आयेगा |

868. कांटो सी चुभती है तन्हाई, अंगारों सी सुलगती है तन्हाई, कोई आ कर हम दोनों को ज़रा हँसा दे, मैं रोता हूँ तो रोने लगती है ‪‎तन्हाई‬ |‬

869. सामने हो मंजिल तो रास्ते ना मोड़ना जो भी मन में हो वो सपना मत तोड़ना कदम कदम पर मिलेगी मुश्किल आपको बस सितारे छूने के लिए जमीन मत छोड़ना |

870. तूफान मे लोगों को किनारे मिलते हैं, जहाँ मे लोगों को सहारे भी मिलते हैं, दुनिया मे सबसे प्यारी है ज़िंदगी, कुछ लोग ज़िंदगी से भी प्यारे मिलते हैं |

871. दिल के समंदर की सतह पे आके सुन, खामोशीया किस कदर सौर मचाती है, दर्द को बहुत मनाया ऑखो से ना छलके, दुनिया बेकार मे झुटी बाते बनाती है।

872. हवाओं से कह दो अपनी औकात में रहे हम परों से नहीं हौसलों से उड़ते हैं |

873. शायर होना भी कहा आसान है, बस कुछ लफ़जो मे दिल का अरमान है, कभी तेरे ख्याल से महक जाती है मेरी गज़ल, कभी हर शब्द परेशान है |

874. मेरी चाहत की तू आजमाइश ना कर । ये इश्क है इबादत तू नुमाइश ना कर।। रहने दे ये भ्रम के तू साथ है हमेशा। भूल जाऊँ मैं तुझे, तू फरमाइश ना कर।

875. नजर को बदलो तो नजारे बदल जाते हैं सोच को बदलो तो सितारे बदल जाते हैं कश्तियाँ बदलने की जरूरत नहीं दिशा को बदलो किनारे खुद ब खुद बदल जाते हैं |

876. अपनी हर आरज़ू में, अपनी हर दुआ में आपकी ख़ुशी मांगते हैं, जब सोचते हैं क्या तोहफा मांगें आपसे, तो आपसे उमर भर कि आपकी महोब्बत मांगते हैं |

877. मैं आईना हूँ टूटना मेरी फितरत है, इसलिए पत्थरों से मुझे कोई गिला नहीं, मेरी किस्मत में तो कुछ यूँ लिखा है, किसी ने वक्त गुज़ारने के लिए अपना बनाया, तो किसी ने अपना बनाकर वक्त गुजार लिया |

878. अगर अब भी खून ना खौला तो खून नहीं वो पानी है जो जवानी अपने देश और माँ बाप के काम ना आए बेकार वो जवानी है |

879. शाम भी खास है, वक़्त भी खास है, तुझको भी एहसास है, तो मुझको भी एहसास है, इससे जयादा मुझे और क्या चाहिए, जब मैं तेरे पास, और तु मेरे पास है |

880. प्यासी ये निगाहें तरसती रहती हैं; तेरी याद में अक्सर बरसती रहती हैं; हम तेरे ख्यालों में डूबे रहते हैं; और ये ज़ालिम दुनिया हम पे हँसती रहती है।

881. पानी में तस्वीर बना सकते हो तुम कलाम को शमशेर बना सकते हो तुम कायर हैं जो तकदीर पे रोते हैं जैसी चाहो वैसी तकदीर बना सकते हो तुम |

882. जज़्बात बहकता है, जब तुमसे मिलती हूँ, अरमां मचलता है, जब तुमसे मिलती हूँ, हाथों से हाथ और होठों से होंठ मिलते हैं, दिल से दिल मिलते हैं, जब तुमसे मिलती हूँ |

883. मोहबत को जो निभाते हैं उनको मेरा सलाम है, और जो बीच रास्ते में छोड़ जाते हैं उनको ये पैगाम हैं, वादा-ए-वफ़ा करो तो फिर खुद को फ़ना करो, वरना खुदा के लिए किसी की ज़िंदगी ना तबाह करो |

884. मंजिल उन्हीं को मिलती है जिनके सपनों में जान होती है पंखों से कुछ नहीं होता हौसलों से उड़ान होती है |

885. चाँद की एहमियत चाँदनी ही जाने, सागर की लहरों की एहमियत किनारा ही जाने, आपकी ज़िंदगी मे हमारी एहमियत क्या है, वो तो आपका प्यार भरा दिल ही जाने |

886. जब जब तुमसे मिलने की उम्मीद नजर आई, मेरे पाँव मे जजीर नजर आई, गिर पडे आँसू आँख से, और हर एक आँसू मे आपकी तस्वीर नजर आई।

887. मिल ही जाएगी मंजिल भटकते भटकते गुमराह तो वो हैं जो घर से निकले ही नहीं |

888. अरमान कोई सीने में आग लगा देता है, ख्वाब कोई आकर रातों की नींद उड़ा देता है, पूंछता हूँ जिससे भी मंज़िल का पता अब तो, वो रास्ता तेरे घर का ही बता देता है |

889. मुझको ऐसा ‪दर्द‬ मिला जिसकी ‪दवा‬ नहीं, फिर भी खुश हूँ मुझे उस से कोई गिला नहीं, और कितने आंसू बहाऊँ उस के लिए, जिसको ‪खुदा‬ ने मेरे ‪‎नसीब‬ में लिखा ही नहीं।‬‬‬‬

890. मुश्किलों से भाग जाना आसान होता है हर पहलू जिंदगी का इम्तिहान होता है डरने वालों को मिलता नहीं कुछ जिंदगी में लड़ने वालों के कदमों में जहान होता है |

891. दिल में हो आप तो कोई और खास कैसे होगा, यादों में आपके सिवा कोई पास कैसे होगा, हिचकियां कहती हैं आप याद करते हो, पर बोलोगे नहीं तो हमें एहसास कैसे होगा |

892. शख्सियत‬ हमारी भी अजीब हैं यारों, ना वो थकते हैं ना हम बाज़ आते हैं, यूँहीं एक-दूसरे को आजमाते हैं, वो रोज़ चोट पे ‪चोट‬ करते हैं, हम भी रोज़ टूटते बिखरते हुए, संभल जाते हैं।‬

893. अपनी जमीन अपना नया आसमान पैदा कर मांगने से जिंदगी कब मिली है ऐ दोस्त खुद ही अपना नया इतिहास पैदा कर |

894. इत्तेफ़ाक़ से ही सही मगर मुलाकात हो गयी, ढूंढ रहे थे हम जिन्हें उन से बात हो गयी, देखते ही उन को जाने कहाँ खो गए हम, बस यूँ समझो वहीं से हमारे प्यार की शुरुआत हो गयी |

895. तेरी दोस्ती की आदत सी पड़ गयी है मुझे, कुछ देर तेरे साथ चलना बाकी है। शमसान मैं जलता छोड़ कर मत जाना, वरना रूह कहेगी कि रुक जा, अभी तेरे यार का दिल जलना बाकी है।

896. सफलता एक चुनौती है इसे स्वीकार करो क्या कमी रह गई देखो और सुधार करो कुछ किए बिना ही जय जयकार नहीं होती कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती |

897. आरज़ू मेरी, चाहत तेरी, तमन्ना मेरी, उल्फत तेरी, इबादत मेरी, मोहब्बत तेरी, बस तुझ से तुझ तक है दुनिया मेरी|

898. दुनिया में किसी से कभी प्यार मत करना, अपने अनमोल आँसू इस तरह बेकार मत करना, कांटे तो फिर भी दामन थाम लेते हैं, फूलों पर कभी इस तरह तुम ऐतबार मत करना |

899. बुझी शमां भी जल सकती है तूफान से कश्ती भी निकल सकती है होके मायूस यूं ना अपने इरादे बदल तेरी किस्मत कभी भी बदल सकती है |

900. लम्हें ये सुहाने साथ हो ना हो, कल मे आज जैसी बात हो ना हो, आपका प्यार हमेशा इस दिल में रहेगा, चाहे पूरी उम्र मुलाकात हो ना हो |