Whatsapp Status: 10,000 Best Hindi Status

इतनी शिकायत , इतनी शर्तें , इतनी पाबन्दी, तुम मोहब्बत कर रहे हो या सौदा कोई !!

महान सपने देखने वालों के महान सपने हमेशा पूरे होते हैं

कितना मुश्किल है ज़िन्दगी का ये सफ़र; खुदा ने मरना हराम किया, लोगों ने जीना!

पराया धन होकर भी कभी पराई नही होती। शायद इसीलिए किसी बाप से हंसकर बेटी की, विदाई नही होती।।

करेगा ज़माना भी हमारी कदर एक दिन , बस ये वफादारी की आदत छूट जाने दो

जैसे ही भय आपके करीब आये , उसपर आक्रमण कर उसे नष्ट कर दीजिये

बचपन में भरी दुपहरी नाप आते थे पूरा महोल्ला, जब से डिग्रियाँ समझ में आई, पाँव जलने लगे 🙁

मेरे बहुत अच्छे दोस्त है ज़माने में.. बस थोड़ी जिंदगी उलझी पड़ी है 2 वक़्त की रोटी कमाने में..।

मुझे ऊंचाइयों पर देखकर हैरान है बहुत लोग… पर किसी ने मेरे पैरों के छाले नहीं देखे…!

खामोशियाँ ही बेहतर हैं, शब्दों से लोग रूठते बहुत हैं

आज कल शरीफ केवल वही लोग हैं जिनके मोबाईल में password नही होता हैं।

बहुत अज़ीब होती है ये यादें भी मोहब्बत की..जिन पलों में हम रोए थे,उन्हें याद करके हमें हसीं आती है…और जिन पलों में हसें थे ..उन्हें याद करके रोना आता है

दूसरों को छोटा कर के खुद बड़ा बनने की कोशिश न करें।

हमारी सही सोच एक नकारात्मक विचार को सकारात्मक विचार में बदल कटी हैं!!

जिस व्यक्ति ने कभी गलती नहीं कि उसने कभी कुछ नया करने की कोशिश नहीं की

दावे दोस्ती के मुझे नहीं आते यारो,एक जान है जब दिल चाहें मांग लेना..

तीन चीजें जादा देर तक नहीं छुप सकती, सूरज चंद्रमा और सत्य

तुम कहो या ना कहो…तकाज़े सब बयां कर देते हैं…फिर चाहें बेरुखी हो या मोहब्बत !!

प्रसन्नता पहले से निर्मित कोई चीज नहीं है..ये आप ही के कर्मों से आती है

ये दुनिया है तेज़ धूप, पर वो तो बस छाँव होती हैं | स्नेह से सजी, ममता से भरी, माँ तो बस माँ होती हैं ||

भूखा पेट, खाली जेब, और झूठा प्रेम – इंसान को जीवन में बहुत कुछ सिखा जाता है॥

रोज स्टेटस बदलने से जिंन्दगी नहीं बदलती,जिंदगी को बदलने के लिये एक स्टेटस काफी है..!!

क्या ओकात है तेरी ए जिन्दगी …चार दिन की मोहब्बत तुझे बरबाद कर देती है..

चलता रहूँगा मै पथ पर, चलने में माहिर बन जाउंगा,या तो मंज़िल मिल जायेगी, या मुसाफिर बन जाउंगा !

दीवाने लोग मेरी कलम चूम रहे है..तुम मेरी शायरी में वो असर छोड़ गई हो

बुरा वक्त तो सबका आता है, इसमें कोई बिखर जाता है और कोई निखर जाता है .

अब हैरान नही होता अगर किसी का दिल टुटजाये.. अब तो चौक जाता हुँ किसी के प्यार कि कामयाबी पर…

रिश्ते बर्फ के गोले की तरह होते हैं,जिन्हे बनाना तो सरल है लेकिन बनाए रखना काफी कठिन होता है…

ऐ जिंदगी तू हँस ले मेरे जीने के अंदाज़ पे,वो दिन भी आएगा जब तू संवारेगी मुझे।

लाख समझाया उसको की दुनिया शक करती है..मगर उसकी आदत नहीं गयी मुस्कुरा कर गुजरने की!

बड़ी मुस्किल से सीखा है खुश रहना उन के बगैर अब सुना है ये बात भी उन्हे परेशांन करती है॥

सब पूछते है मुझसे मौहब्बत है क्या ? मुस्करा देता हूँ मैं और याद आ जाती है माँ ।

रेत पर नाम कभी लिखते नहीं,रेत पर नाम कभी टिकते नहीं,लोग कहते है कि हम पत्थर दिल हैं,लेकिन पत्थरों पर लिखे नाम कभी मिटते नहीं।

हम तो बेज़ान चीज़ों से भी वफ़ा करते हैं,तुझमे तो फिर भी मेरी जान बसी है…

लोगो से कह दो हमारी तकदीर से जलना छोड़ दे। हम घर से दवा नही ‘माँ की दुआ’ लेकर निकलते है।

“क्या लिखूँ , अपनी जिंदगी के बारे में दोस्तों , वो लोग ही बिछड़ गए , जो जिंदगी हुआ करते थे” !!

बंद कर दिया सांपों को सपेरे ने यह कहकर,अब इंसान ही इंसान को डसने के काम आएगा।

दर्द जब मीठा लगने लगे तो समझ जाइये आपने जीना सीख लिया।

करो कुछ ऐसा दोस्ती में की ‘Thanks & Sorry’ words बे-ईमान लगे..निभाओ यारी ऐसे के ‘यार को छोड़ना मुश्किल’ और दुनिया छोड़ना आसान लगे…

गलत कहते है लोग कि संगत का असर होता है,वो बरसो मेरे साथ रही, मगर फिर भी बेवफा निकली…

मुस्कुराने के बहाने जल्दी खोजो वरना,जिन्दगी रुलाने के मौके तलाश लेगी

कितना मुश्किल हे मोहबत की कहानी लिखना,जेसे पानी से पानी पर पानी लिखना ।

किसी को गीता में ज्ञान न मिला, किसी को कुरान में ईमान न मिला। उस बंदे को आसमान में क्या रब मिलेगा जिसे इंसान में इंसान न मिला।

“लफ्ज् दिल से निकलते हैं दिमाग से तो मतलब निकलते है.”

तेरे इश्क से मिली है मेरे वजूद को ये शौहरत ,मेरा ज़िक्र ही कहाँ था तेरी दास्ताँ से पहले।

गिद्ध भी कहीं चले गए लगता है उन्होंने देख लिया कि,इंसान हमसे अच्छा नोंचता है।

एक सपने के टूटकर चकनाचूर हो जाने के बाद , दूसरा सपना देखने के हौसले को ‘ज़िंदगी’ कहते हैं॥

गलती सुधरने का मौका तो उसी दिन से मिलना बंद हो गया था ,जिस दिन हाथ में पेंसिल की जगह पेन थमा दिया गया था |

अब शिकायतेँ तुम से नहीँ खुद से है.. माना के सारे झूठ तेरे थे.. लेकिन उन पर यकिन तो मेरा था!!

पोथी पढ़ पढ़ जग मुआ, पंडित भया न कोय । ढाई आखर प्रेम का, पढ़े सो पंडित होय ।

4.8 (96%) 5 votes